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धरती की कुछ रोचक जानकारी - Interesting facts about earth - In Hindi

2 years ago | 2 years ago | gknowledge

धरती की कुछ रोचक जानकारी - Interesting facts about earth - In Hindi 

  • धरती पे मौजुद हर प्राणी में कार्बन जरूर है.
  • आम तौर पर माना जाता है कि शुक्र, सौर मंडल का सबसे चमकीला ग्रह है पर ऐसा नही है. अगर एक खास दूरी से सौर मंडल के सभी ग्रहों को देखा जाए तो धरती सबसे ज्यादा चमकीली नजर आएगी. ऐसा इसलिए है क्योंकि धरती का पानी सुर्य के प्रकाश को परिर्वतित कर देता है जिससे वह एक खास दूरी से सबसे चमकीली नजर आती है.
  • धरती पर ताप का स्त्रोत केवल सुर्य नही है. ब्लिक धरती का अंदरूनी भाग पिघले हुए पदार्थों से बना है जो लगातार धरती के अंदरूनी ताप स्थिर रखता है. एक अनुमान के अनुसार इस अंदरूनी भाग का तापमान 5000 से 7000 डिगरी सैलसीयस है जो कि सुर्य की सतह के समान के बराबर है.
  • पूरी धरती के हर स्थान पर गुरूत्वाकर्षण एक जैसा नही है ब्लिक धरती के हर स्थान पर यह अलग-अलग है. इसका कारण है सभी स्थानों की धरती के केंद्र से दूरू भिन्न-भिन्न है. इसी कारण भू-मध्य रेखा पर आपका वजन ध्रुवों से थोड़ा ज्याादा होगा.
  • आज से 450 करोड़ साल पहले, सुर्य मंडल में मंगल के आकार का एक ग्रह था जो कि पृथ्वी के साथ एक ही ग्रहपथ पर सुर्य की परिक्रमा करता था. मगर यह ग्रह किसी कराण धरती से टकराया और एक तो धरती मुड गई और दूसरा इस टक्कर के फलसरूप जो पृथ्वी का हिस्सा अलग हुआ उससे चाँद बन गया.
  • धरती के गुरूत्वाकर्षण के कारण पर्वतों का 15,000 मीटर से ऊँचा होना संभव नही है.
  • धरती के सारे महाद्वीप पिछले 2.5 करोड़ साल से गति कर रहे है. यह गति टैकटोनिक प्लेटों की निरंतर गति के कारण है.
  • धरती अपने धुरे पर 1600 किलोमीटर प्रति घंटा की रफतार से घूम रही है जबकि सुर्य के ईर्ध-गिर्द यह 29 किलोमीटर प्रति सैकेंड की रफतार से चक्कर लगा रही है.
  • धरती का वजन लगभग 6,588,000,000,000,000,000,000 टन है.
  • यह माना जाता है कि पृथ्वी के तीन चौथाई भाग मे पानी है लेकिन पानी की कुल मात्रा कितनी है ? पृथ्वी की तीन चौथाई सतह पर पानी है लेकिन इसकी गहराई पृथ्वी की त्रिज्या की तुलना मे कुछ भी नही है। पृथ्वी के संपूर्ण पानी से बनी गेंद की त्रिज्या लगभग 700 किमी होगी, जोकि चंद्रमा की त्रिज्या के आधे से भी कम है। यह मात्रा शनि के चंद्रमा रीआ से थोडी़ ज्यादा है, ध्यान रहे कि रीआ मुख्यतः पानी की बर्फ से बना है।
  • धरती आकाश गंगा का एकलौता ऐसा ग्रह है जिसमें कि टैकटोनिक प्लेटों की व्यवस्था है.
  • धरती की सतह का सिर्फ 11 प्रतीशत हिस्सा ही भोजन उत्पादित करने के लिए उपयोग किया जाता है.
  • क्या आप जानते है कि धरती के सारे महाद्वीप आज से 6.5 करोड़ साल पहले एक दूसरे से जुडे हुए थे. वैज्ञानिको का मानना है कि धरती पर कोई उल्का पिंड गिरने जा फिर निरंतर ज्वालामुखीयों और ताकतवर भुकंपों के कारण यह महाद्वीप आपस से अलग होने लगे, इसी कारण धरती से डायनासोरो का अंत हुआ था. पहले जब सभी महाद्वीप जुडे हुए थे तब यह गोल रूप में थे और इसे वैज्ञानको ने ‘पैंजीया’ नाम दिया है.
  • मनुष्य के द्वारा सबसे ज्यादा गहराई तक खोदा जाने वाला गड्ढा 1989 में रूस में खोदा गया था जिसकी गहराई 12.262 किलोमीटर थी.
  • लगभग हर साल 30,000 बाहरी अंतरिक्ष के पिंड धरती के वायुमंडल मे दाखिल होते है. पर इनमें से ज्यादातर धरती के वायुमंडल के अंदर पहुँचने पर घर्षण के कारण जलने लगते है जिन्हें हम अकसर ‘टूटता तारा’ कहते है.
  • धरती के अपने अक्ष के सापेक्ष घुमने के कारण ही यह एक चुंबक की तरह व्यवहार करता है धरती का उत्तरी ध्रुव इसके चुंबकीय क्षेत्र का दक्षिणी पासा है जबकि दक्षिणी ध्रुव इसके चुंबकीय क्षेत्र का उत्तरी पासा.
  • क्या आप जानते है कि चाँद समेत कई और ग्रह और उपग्रह है जिन पर पानी मौजूद है पर धरती ही एकलौता ऐसा पिंड है जहां पानी तीनों अवस्थायों में पाया जाता है. मतलब कि ठोस, द्रव और गैस तीनो में.
  • आज से 25 करोड़ साल बाद धरती अपने अक्ष (धुरे) पर अब से धीमी गति करने लगेगी जिसके फलसरूप जो दिन वर्तमान समय में लगभग 24 घंटों का होता है वह 25 करोड़ साल बाद 25.5 घंटो का होगा.
  • धरती पर हर साल लगभग 1000 टन अंतरिक्ष धुल-कण धरती में दाखिल होते है.
  • बृहस्पति का चंद्रमा युरोपा मे पानी की मात्रा पृथ्वी पर पानी की मात्रा से भी ज्यादा है! युरोपा पर पानी उसकी सतह के नीचे लगभग 80-100 किमी की गहरायी तक है। युरोपा के पानी से बनी गेंद का व्यास 877 किमी होगा। इसलिये वैज्ञानिक आजकल युरोपा मे जीवन की संभावना देख रहे हैं!
  • धरती पे कुल 500 सक्रीय ज्वालामुखी ऐसे है जिन्होंने धरती की सतह के निचले और उतले भाग का 80 प्रतीशत हिस्सा अपनी ज्वालामुखी राख से बनाया है.
  • पृथ्वी के सारे मनुष्य 1 वर्ग किलोमीटर के घन (cube) में समा सकते है.
  • धरती पर हर रोज 45,00 बादल(मेघ) गरजते है.
  • क्या आप जानते है कि धरती पूरी तरह से गोल नही है. ब्लिक इसके भू-मध्य रोखीए और ध्रुवीय व्यासों में 41 किलोमीटर का फर्क है. धरती ध्रुवों से थोड़ी सी चपटी(प्लेन) है जबकि भू-मध्य रेखा से थोड़ी सी बाहर की तरफ उभरी हुई है.
  • हर महाद्वीप दूसरे महाद्वीप से भिन्न चाल से गति कर रहा है. जैसे के प्रशांत प्लेट 4 सैटीमीटर प्रति वर्ष जबकि उत्तरी अटलाटिंक 1 सैटीमीटर प्रति वर्ष गति करती है.
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